संभाषण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभाषण – Sanbhaashana. Conversation, Dialogue. कथोपकथन, बातचीत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभाषण – Sanbhaashana. Conversation, Dialogue. कथोपकथन, बातचीत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभावना सत्य – Sanbhaavanaa Satya. Truth pertaining to probability or possibility. वस्तु के स्वभाव को कहने वाला वचन या जैसी इच्छा रखे वैसा कर सके यह संभावना सत्य है ” जैसे- इच्छा करे तो इन्द्र जम्बूद्वीप को पलट सकता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभवदल कर्म – Sanbhavadala Karma. Cutting of wood. लकड़ी के आवश्यकतानुसार भाग कर दिये जाना संभवदल कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभवचरिउ – Sambhavachariu. Name of a treatise written by poet Tejapal. कवि तेजपाल द्वारा (ई. 1443) रचित यथनाम विषयक अपभ्रंश ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभव – Sambhava. Possible, Probable, Name of a planet, A type of deities. 88 ग्रहों में 52 वां ग्रह ” आकाशोपन्न देवों के 12 भेदों में अंतिम भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संबंधाहार (सचित्त) – Sambandhaahaara (Sachitta). A kind of food; as cooked hot vegetable mixed with the raw one etc. It is non-edible according to Jaina philosophy. सचित्त से चेतना द्रव्य लिया जाता है ” इससे सम्बंध को प्राप्त हुआ द्रव्य सचित्त सम्बंधाहार है ” व्रतियों के लिए ऐसा आहार त्याज्य है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संबंध – Sanbandha. Alliance, Relation, Connection. संयोग, मिलाप, साहचर्य ” जहां पर अभेद प्रधान और भेद गौण होता है वहां पर संबंध समझना चाहिए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संप्रदाय विरोध – Sampradaaya Virodha. Castewise mutual contradiction. भिन्न-भिन्न जातियों में पारस्परिक विरोध “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संप्रदान कारक – Sanpradaana Kaaraka. The dative case in grammar. षट्कारकों में चतुर्थ कारक; कर्म जिसे देने में आवे अर्थात् जिसके लिए करने में आवे ” (के लिए, के अर्थ, के वास्ते) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संप्रति – Sanprati. Present time, Another name of king Chandragupt-II. वर्तमान, मगधराज अशोक का पौत्र, अपरनाम चन्द्रगुप्त द्वितीय ” समय – ई.पू. 220-211 “