संघ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघ – Sangha. The group of Jaina saints. रत्नत्रय से युक्त श्रमणों का समुदाय ” ऋषि, मुनि, यति और अनगार के समुदाय का नाम संघ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघ – Sangha. The group of Jaina saints. रत्नत्रय से युक्त श्रमणों का समुदाय ” ऋषि, मुनि, यति और अनगार के समुदाय का नाम संघ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रहनय – Sangrahanaya. A standpoint related to collection of matters. अभेद रूप से अर्थात् अपनी जाति का विरोध न करके जो समस्त वस्तुओं को संग्रह करके कथन करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रह कृष्टि – Sangraha Krshti. A kind of gradual destruction of passions. कृष्टियों के अनेक भेदों में एक भेद ” क्रोधादि संज्वलन कषायों की जो 12,9,6 और 3 कृष्टियां होती है वे ही संग्रह कृष्टियां हैं ” पुनः इस एक-एक संग्रह कृष्टि की अंतर कृष्टियां अनंत होती हैं ” क्योंकि अनंत कृष्टियों के समूह…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रह – Sangraha. Collection, Compilation, Storing. एकत्र करना, जमा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संगीत समयसार – Sangeeta Samayasaara. Name of a book written by Parshvadev on music. पार्श्वदेव द्वारा (ई.श. 12 अंतपाद) संगीत शास्त्र विषयक संस्कृत भाषाबद्ध रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संगति – Sangati. Mutual relation, company, Association. संसर्ग, पारस्परिक मेलजोल ” गुणाधिक लोगो की संगति (साथ) हितकारी होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्या व्यभिचार – Sankhyaa Vyabhichaara. Wrong interpretation of numbers. एकवचन की जगह द्विवचन आदि का कथन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्याधिकार – Sankhyaadhikaara. One of the 8 Anuyogadvars (disquisition doors). 8 अनुयोगद्वारों में एक अनुयोगद्वार ” जीव किस-किस गुणस्थान व मार्गणा स्थान आदि में कितने-कितने हैं इसका निरूपण इस अधिकार में किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्याताणुवर्गणा – Sankhyaataanuvarganaa. A kind of aggregates of Karmic molecules. 23 प्रकार की वर्गणाओं में एक वर्गणा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात गुणहानि – Sankhyaata Gunahaani. Multiplicative decrease in numbers. किसी संख्या का संख्यात गुणा किसी में घटाना “