व्यंतर!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतर –Vyaintara. Peripatetic deities (i.e. Bhoot, Pishach etc.). चार प्रकार के देवों में एक भेद; इनके भवन अधोलोक में तथा भवनपुर और आवास म्ध्यलोक के द्वीप, सागरों में हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतर –Vyaintara. Peripatetic deities (i.e. Bhoot, Pishach etc.). चार प्रकार के देवों में एक भेद; इनके भवन अधोलोक में तथा भवनपुर और आवास म्ध्यलोक के द्वीप, सागरों में हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजनावग्रह –Vyainjanavagraha. Knowing of ambiguous or indistinct matters. अवग्रह के दो भेदों में एक भेद; अस्पष्ट पदार्थ – शब्दादि को जानना, जिससे निश्चय ण हो सके क्या था”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन संक्रांति –Vyainjana Sainkranti. Word shifting or change in the verbal expression (reg. change in pure meditation). प्रथम शुक्ल ध्यान में एक श्रुत वचन को छोड़कर दुसरे वचन का आलम्बन लेना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन शुद्धि –Vyaninjana Suddhi. Right & exact pronunciation of religious hymns, mystic syllables (mantras) etc. सूत्रों को दोष रहित पढ़ना व्यंजन शूध्दि है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन निमित्तज्ञान –Vyainjana Nimittajnana. A science of omen (a type of indicating knowledge.Mole etc. special mark on the body). अष्टांग निमित्तज्ञान का एक भेद; सिर, मुख आदि में, रहने वाले तिल आदि व्यंजन कहलाते हैं ” इनसे लाभ- अलाभ आदि को जान लेना व्यंजन निमित्त ज्ञान है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन –Vyainjana. Consonant (33), Delicious food items, symbolic marks on the body or any matter. अव्यक्त शब्ददी (आधी मात्रा वाले अक्षर) के समूह या वचन को व्यंजन कहते हैं, क् ख् ग् आदि अक्षर ” इन व्यंजन को स्वर के साथ संयुक्त करने पर ही इनका उच्चारण होता हैं ” जैसे –…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वोंडज –Vaindaja. Cotton cloths. वस्त्र के ५ भेदों, कपास से उत्पन्न वस्त्र वोंडज हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक शब्द – VAisrasika Sabda. Natural sounds (reg. thundering etc.). अभाषात्मक के दो भेदों में एक भेद, मेघ आदि के निमित्त से जो शब्द उत्पन्न होते हैं वे वैस्रसिक शब्द हैं “