सर्वानंत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानंत – Sarvaananta. All infinite. अनंत का एक भेद । आकष को धन रूप से देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता इसलिये उसे सर्वानंत कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानंत – Sarvaananta. All infinite. अनंत का एक भेद । आकष को धन रूप से देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता इसलिये उसे सर्वानंत कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वात्मभूत – Sarvaatmabhoota. Name of the 5th predestined Jaina-Lord (another name of Sarvayudh) भाविकालीन 5 वें तीर्थकर, अपरनाम सर्वायुध ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वातिचार प्रतिक्रमण – Sarvaatichaara Pratikramamna. Purification or repentance of all faults commited in ascetic life. दीक्षा ग्रहण से लेकर समस्त तपष्चरण के काल तक जो दोष लगे हो उनकी शुद्धि करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वस्थिति – Sarvasthiti. Karmic aggregate at highest state. उत्कृष्ट स्थिति में रहने वाले (बद्धक्रम के ) सम्पूर्ण निषेकों का जो समू है वह सव्रस्थिति है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसुन्दर – Sarvasumndara. Very veautiful or attractive. One of the seven particular saints. See- Sapta Rsi. सबसे सुन्दर, सप्त ऋषियों में से एक । देखे – सप्तऋषि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य निवृत्ति – Sarvasaavadya Nivritti. Abstinence or freeness from all kinds of sinful worldly activities. समायिक; समस्त आरंभ परिग्रह से निवृत होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसाधु – Sarvasaadhu. Great Digambar Jain saints involved in spirituality. रत्नत्रय साधना में रत ढाई द्वीप संबंधी समस्त दिगम्बर जैन साधु । णमोकार मंत्र के पाॅंचवे पद में इन समस्त साधुओ को नमस्कार किया गया है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंघ – Sarvasangha. Name of the 58th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 58 वें गणधर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंक्रमण – Sarvasankramana. All Karmic transition. अंत की फाली में शेष बचे सर्व प्रदेषो का अन्य प्रकृति रूप होना सर्वसंक्रमण है।