सर्वचंद्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वचंद्र – Sarvachandra. Name of a saint of Nandi group, the disciple of Vasumandi. न्ंदिसंघ के देषीयगण की गुर्वावली के अनुसार वसनंदि के षिष्य तथा दामनंदि के गुरू । समय-ई0 918-948 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वचंद्र – Sarvachandra. Name of a saint of Nandi group, the disciple of Vasumandi. न्ंदिसंघ के देषीयगण की गुर्वावली के अनुसार वसनंदि के षिष्य तथा दामनंदि के गुरू । समय-ई0 918-948 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वघाती – Sarvaghaatee. Karmic nature causing destruction of soul’s attributes जिस कर्म के उदय से अनुजीवी गुूणों का पूर्णरूप से घात होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वग्रहकता – Sarvagraahakataa. The quality of knowing all (of Kevalgyan) केवलज्ञान का सब कुछ जानने रुप गुण।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञसिद्वि – Sarvagyasiddhi. Name of a book written by a saint Anantkirti. अनंतकीर्ति द्वारा रचित वृहत् तथा लधु सर्वज्ञसिद्वि ग्रंथ। समय ई.श. 8 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञदेव – Sarvagyadeva. Omniscience (Lord Arihant, Siddha). केवली आप्; जो त्रिकालवर्ती गुण पर्यायो से संयुक्त समस्त लोक और अलोक को प्रत्यक्ष जानते है वह सर्वज्ञदेव है अर्थात् अर्हत व सिद्व।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञत्व शक्ति – Sarvagyatva Sakti. Power of omniscience. समस्त विश्व के विषेष भावों की जानने रुप से परिणमित ऐसी आत्मज्ञानमयी सर्वज्ञत्व शक्ति है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञत्व – Sarvagyatva. State of omniscience. त्रिकालवर्ती गुण पर्यायों से संयुक्त समस्त लोक और अलोक को प्रत्यक्ष जानना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पगुप्त – Sarvagupta. The spiritual teacher or Acharya Shivkoti name of the 26th chief disciple of Lord Rishbhdev, Name of the spiritual teacher of Acharya Mitranandi and an omniscient saint. भगवान आराधना के रचयिता आचार्य शिवकोटी के गुरु थे। समय ई.श. 1 का पूर्वपाद, भगवान वृषभदेव के 26 वें गणधर। आचार्य मित्रनंदि के गुरु।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वगतत्त्व – Sarvagatatva. State of omnipresence, Pervasion. सर्वज्ञत्वपना ” सर्वव्यापी
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पगत नय – Sarvagata Naya. A standpoint believing soul as omnipresent. सर्वगत नय से आत्मद्रव्य खुली हुई आॅख की भांति सर्ववर्ती है।