मनुष्यगतिनामकर्मप्रकृति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति नामकर्म प्रकृति – Manushyagati Naamkarma Prakrti. Physique making Karma of human being. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से मनुष्य के समान आकार आदि अवस्था बने “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति नामकर्म प्रकृति – Manushyagati Naamkarma Prakrti. Physique making Karma of human being. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से मनुष्य के समान आकार आदि अवस्था बने “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति- Manushya Gati. Human destinity; world of human beings. 4 गतियोंमेंएकगति ,मानवजीवन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यक्षेत्र – Manushya kshetra. The human world. ढाईद्वीप; इससेबाहरमनुष्यकाजन्मनहींहोताहै ” इसकाविस्तार 45 लाखयोजनहै ” अपरनाम – नरकलोक , मनुष्यलोक, मर्त्यलोक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्य- Manushya. Human beings. मनुष्य गति में उत्पन्न हित अहित विवेक को धारण करने वाला , व्याकरण की व्युत्पत्ति ‘मनोरपत्यंमानवाः’ के अनुसार मनु की संतान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुपुत्रक – Manuputraka. A kind of Vidyadhar dynasty. आर्य विद्याधरों की 8 उत्तर जातियों में एक जाति , जो मानस्तम्भ के निकट बैठते हैं , लाल वस्त्रों एवं मणियों के आभूषणों से युक्त होते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनसिज- Manasija. Kamdev – those having the most lustrous & attractive body. कामदेव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनरंगलाल- Manarangalala. Name of a writer who wrote Namichandraka, specially 24, worshipping composition of 24 Jaina Lords and many other books. पंडित ; नमिचंद्रका, सप्तव्यसनचरित्र आदि के रचियता ” इनके द्वारा रचित 24 तीर्थंकरों की 24 पूजाएं अत्यंत प्रसिद्द हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मन – Mana. Mind , Consciousness. अन्तःकरण ” नोइन्द्रिय; जिसके द्वारा शिक्षा ग्रहण हो , तर्क – वितर्क हो , संकेत समझा जावे “