न्यायकेवली!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायकेवली – Nyaayakevali. Name of a book written by Acharya Shridhar-2. आचार्य श्रीधर-२ (ई. सन् 991) द्वारा रचित एक नैयायिक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायकेवली – Nyaayakevali. Name of a book written by Acharya Shridhar-2. आचार्य श्रीधर-२ (ई. सन् 991) द्वारा रचित एक नैयायिक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्याय – Nyaaya. Verdict or jisticce. क़ानून, इंसाफ, सच्चाई, निर्णय या जिसके द्वारा निश्चय किया जाये ऐसी नितिक्रिया का करना न्याय कहा जाता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्र्बल – Bhadrabala. Name of a chief disciple of Lord Adinath. आदिनाथ भगवान् के १९ वें गणधर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यग्रोधपरिमंडलसंस्थान नामकर्म – Nyagrodhaparimandalasanathan Naamkarma. Karmic nature causing partly asymmetrical configuration of body. जिस कर्म के उदय से जीव का शरीर बड़ के पेड़ के समान नाभि के ऊपर मोटा और नीचे पतला होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्र प्रक्रति – Bhadra Prakrti. Gentle disposition. भला या सज्जन स्वभाव होना ” सरल स्वभावी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यग्रोध वृक्ष – Nyagrodha Vriksha. Banyan tree, initiation tree of Lord Rishabhabdev. बरगद का पेड़; ऋषभनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम” इसका अपरनाम वटवृक्षया अक्षय है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रकाली – Bhadrakali. A type of super power. १६ निकाय विधाओं में विधाधर की एक विधा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नौकार श्रावकाचार – Naukaara Shraavakaachaara. A book written by Acharya Yogendudeva. आचार्य योगेन्दुदेव (ईश.6 उत्तरार्द्ध) द्वारा अपभ्रंश भाषा में रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रकलश – Bhadrakalasa. Name of the treasurer of Ram’. ८ वें बलदेव श्रीराम के कोषाध्यक्ष “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रक – Bhadraka. A type of peripatetic deities, Worthy or gentle person. यक्ष जाती के व्यन्तर देवों का एक भेद , चतुर्थ काल के कोमल परिणामी परुष “