भक्त प्रतिज्ञा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त प्रतिज्ञा – Bhakta Pratijna. Gradual food renunciation (as a vow). समाधिमरण; अनुक्रम के अनुसार भोजन आदि त्याग की प्रतिज्ञा करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त प्रतिज्ञा – Bhakta Pratijna. Gradual food renunciation (as a vow). समाधिमरण; अनुक्रम के अनुसार भोजन आदि त्याग की प्रतिज्ञा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म आहार – Nokarma Aahaara. Intake of Nokarma Varganas cousing formation of gross body. शरीर निर्माण के निमित्तभूत नोकर्म वर्गंणाओ का आना ‘नोकर्म आहार कहलाता है ” यह समस्त सांसारिक प्राणियों के तो होता ही है तथा केवली भगवान के भी पर्मौदारिक शरीर के निमित्त से नोकर्माहार मन गया है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तपान संयोजना – Bhaktapana Samyojana. Mixing of edibles (reg. green veg. & sterilized material). अजीवाधिकरण का एक भेद; सचित और अचित खानपान को एक दूसरे में मिलाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म – Nokarma. Grossbody etc. are called Nokarma. नामकर्म के उदय से प्राप्त होने वाला औदारिक आदि शरीर जो जीव के सुख में निमित्त बनता है वह नोकर्म कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोइंद्रियावरण कर्म – Noindriyaavarana. Karmas obscurring man (internal feelings). मन पर आवरण करने वाला कर्म “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नो इंद्रिय प्रणिधान – No Indriya Pranidhaan. Passionate volitions. क्रोध, मान, माया, लोभ, हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, तथा तीनों वेड, एन के परिणाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोइन्द्रिय – Noindriya. Dravya Man – a structural form of Man according to Jaina philosophy. द्रव्य मन; जो अंगोपांग नामकर्म के उदय से मनोवर्गणा से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय स्थान में अष्टदल कमल के आकार…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तकथा – Bhaktakatha. Conversation describing about delicious food. विकथा का एक भेद – भोजन कथा; अनेक प्रकार के अशन पान (भोजन) संबंधी गुणदोषों की वार्ता में लिप्त रहना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त – Bhakta. A devout, a devotee, a pious person, Some-thing divided or separated. धार्मिक, धर्म या धर्मगुरु के प्रति समर्पित व्यक्ति, गणित की भागाहार विधि में भाज्य राशी को भागहार द्वारा भक्त किया गया कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भंगविधि – Bhamgavidhi. A particular method for obtaining knowledge of something, synonym word for shrutgvan (scrip- tural knowledge). अहिंसा, सत्य, अस्तेय, शील आदि भंग का जिसके द्वारा विधान किया जाता है उसे भंगविधि अर्थात् श्रुतज्ञान कहते हैं “