पद तल!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद तल : Sole of feet पैरों के नीचे का भाग (तलुआ) ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदज्ञान: Knowledge to be perceived through syllabary, Grammatical knowledge. अक्षरों से होने वाले ज्ञान को उपचार से पदज्ञान कहते है। व्याकरण ज्ञान, इसे पद विद्या भी कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदगोष्ठी : Grammatical discussion. वैयाकरणों के साथ व्याकरण संबंधी चर्चा।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदगतभंग : Differentiation of different feelings on different aspects according toer knowledge. Perception etc. क्षायोपशमिक आदि 5 भावों के ही भिन्न भिन्न ज्ञान दर्शनादि भाव केा ग्रहण कर भग करना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद:Designation or title. A part of scriptural Knowledge (Shrutgyan). उपाधि अथवा पदवी, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 5 वां भेद, इनके अर्थ पद, प्रमाण पद और मध्ष्यम पद तीन भेद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्र समूह (जीर्ण) :Heap of leaves, The 16th dream of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती का 16वां स्वप्न था जीर्ण पत्र समूह जिसका फल ’महाऔषधियों का रस नष्ट होना बताया गया था । यह फल वर्तमान में प्रत्यक्ष रूप मंे देखा जा रहा है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्रपरीक्षा:Name of a book written by Acharya Vidyanand. आचार्य विद्यानन्द (ई0 775-840) कृत एक ग्रथ ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्रजाति वनस्पति :A type of vegetation (betel leaf etc) नागरवेल आदि वनस्पति (पान, पत्ता आदि)।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्रचार ऋद्वि:A type of supermatural power of unviolennceful passing through leves (related to Jaina saints). दिगम्बर जैन मुनियों को प्राप्त होने वाली एक ऋद्वि जिसके प्रभाव से पत्तों आदि में रहने वाले जीवों की विराध्ना न करके उनके ऊपर से मुनिगण जा सकते है।