नागौर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागोजी भट्ट – Nagoji Bhatta Name of the Commentator, the promoter of Yoga philosophy. योगदर्शन के साहित्यक प्रवर्तक (ई.श.17), इन्होंने छाया व्याख्या नमक टिकाएँ लिखी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागास्त्र – Nagastra A type of armament in the form of snake. नागरुप एक अस्त्र, इसे नष्ट करने के लिए गरुड़ अस्त्र का प्रयोग किया जाता है ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागार्जुन – Nagarjuna A great personality of Bauddha, Name of a writer of Ayurved. एक बौध विद्वान (आचार्य पूज्यपाद स्वामी से प्राप्त पघावती मंत्र को सिद्ध करके इन्होने स्वर्ण बनाने की विघा प्राप्त की)” कर्नाटक जैन कवी-वैघक शाश्त्र में पारंगत एवं नागार्जुन कल्प आदि वैघक गंथ्रो के कर्ता ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागहस्ती – Nagahasti Name of great saint. आचार्य पुष्पदन्त एवं भूतबली के समकक्ष के एक मुनि ” व्यग्रहस्ती के शिष्य और जीत्दंड के गुरु (समय ई. 93-162) ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागसेन – Nagasena Name of the saint possessing knowledge of 11 Angas nad 10 Purvas, a writer of ‘Tattvanushaan. भद्रबाहु प्रथम के पश्चात् पाँचवे 11 अंग व 10 पूर्व धारी मुनि (वी.नि. 229-247 )” इनका अपरनाम नाग है ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिसंघ – Namdisamgha A group of Digambara jain Saints. दिगम्बर जैन साधुओं का एक संघ ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेणा – Namdisena Name of the female deity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेण – Namdisena Name of the Acharya, 6th Balbhadra, Past-birth name of Lord Chandraprabhu & Lord Suparshvanath, the 3rd predestined Narayan. पुत्राट संघी एक आचार्य जितदण्ड के शिष्य और दीपसेन के गुरु, छठें बलभद्र का नाम, चंद्रप्रभु एवं सुपार्शव भगवान के पूर्व भव का नाम, भारतक्षेत्र के आगामी तीसरे नारायण ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिमित्र – Namdimitra Name of the predestined 2nd Narayan, the 7th Balbhadra, the 82nd chief disciple (Gandhar) of Lord Rishabhdev, Name of a great saint possessing knowledge of 14 Purvas. आगामी दुसरे नारायण, सातवे बलभद्र. वृषभदेव के 82 वें गणधर, पांच श्रुत्केवली मुनियों में 14 पूर्व के ज्ञाता दुसरे मुनि का नाम ”