फलकहार!
फलकहार A kind of necklace. एक हार: यह अर्धमाणवहार के मध्य में मणि लगाकर तैयार किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फलकहार A kind of necklace. एक हार: यह अर्धमाणवहार के मध्य में मणि लगाकर तैयार किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फल Fruits, Results of Karmas. खाने योग्य फल, कर्म आदि के परिणाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फण Expanded snake hood. नाग का फैला हुआ फण, वर्तमान में पार्शवनाथ भगवान की प्रतिमा को मस्तक पर फैले नाग के फण से पहचाना जाता है। भगवान महावीर ने बाल्यावसथा में नाग के फण पर निर्भयता पूर्वक क्रीड़ा करने से संगमदेव द्वारा महावीर नाम प्राप्त किया था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फ The 22nd consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का बाईसवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थोस्सामिदंडक A lesson for the prayer of Jaina Lord . थोस्सामिहं जिणवरे-इत्यादिरूप एक चौबीस तीर्थंकर स्तुति का प्राकृत पाठ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थावर प्रतिमा Stable image of any thing. व्यवहार से चंदन, कनक, महामणि, स्फटिक आदि से बनी प्रतिमा थावर कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थावर Stable object, One sensed immobile beings like inanimate objects. यहि एक प्राकृतिक शब्द है-इसका सामान्य अर्थ है स्थिर अथवा स्थावर वस्तु एंव स्थावर एकेन्द्रिय जीव (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, वनस्पति कायिक जीव) को भी थावर कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थानक पंथी / थानकवासी A shvetambar Jain sect. श्वेताम्बर जैन पंथ, ये प्रतिमा को नहीं पूजते हैं, साधु वस्त्र एंव मुह पर पट्टी रखते हैं । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थलचल Animals living on Land terrestrial. पंचेन्द्रिय तिर्यंचों के 3 भेदों में एक भेद, धरती पर चलने वाले तिर्यंच जीव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]