एकीभाव स्तोत्र की महिमा!
एकीभाव स्तोत्र की महिमा (आचार्य श्री वादिराज वि. की ११वीं शताब्दी के महान विद्वान् थे। वादिराज यह उनकी पदवी थी, नाम नहीं। जगत्प्रसिद्ध वादियों में उनकी गणना होने से वे वादिराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। उनकी गणना जैन साहित्य के प्रमुख आचार्यों में की जाती है।) उन वादिराज मुनिराज का चौलुक्य नरेश जयिंसह प्रथम…