20. चौदह मार्गणा
चौदह मार्गणा जिन भावों के द्वारा अथवा जिन पर्यायों में जीवों का अन्वेषण (खोज) किया जाये, उनको ही मार्गणा कहते हैं। ये अपने-अपने कर्म के उदय से होती हैं। इनके १४ भेद हैं-गति, इन्द्रिय, काय, योग, वेद, कषाय, ज्ञान, संयम, दर्शन, लेश्या, भव्यत्व, सम्यक्त्व, संज्ञित्व और आहार ये चौदह मार्गणाएँ हैं। १. चारों गतियों में…