एम.ए.(उत्तरार्ध) इन जैनोलॉजी(तृतीय पत्र)
एम.ए.(उत्तरार्ध) इन जैनोलॉजी(तृतीय पत्र) अहिंसा : विश्वशांति का अमोघ उपाय 01.1 जैनधर्म में वर्णित अहिंसा की सूक्ष्म विवेचना 01.2 अहिंसा के संबंध में प्रमुख भारतीय चिन्तकों के विचार 01.3 अहिंसा परमो धर्म अनेकांत एवं स्याद्वाद : जैनदर्शन की अद्वितीय देन 02.1 अनेकांत और स्याद्वाद जैनधर्म के मूल आधार हैं 02.2 अनेकांतवाद एवं आधुनिक भौतिक विज्ञान...