कर्त्तव्य
कर्त्तव्य १. जैनागम मे श्रावक के शत् आवश्यक कर्त्तव्य बताए गये है | जिनको अवश्य ही करना होता है वे आवश्यक क्रियाए या कर्त्तव्य कहलाता है उनके छः भेद है- देवपूजा , गुरुपस्ति, स्वाध्याय , संयम, तप औरर दान | जिनेन्द्र भगवान के चरणों की पूजा सम्पूर्ण दुखों का नाश करने वाली है और सभी…