बलमद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलमद- 8 मदों में एक मद; मैं सहस्त्रभट, लक्षभट, कोटिभट हूँ इस तरह का अहंकार होना। Balamada- pride of possessing strength
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलमद- 8 मदों में एक मद; मैं सहस्त्रभट, लक्षभट, कोटिभट हूँ इस तरह का अहंकार होना। Balamada- pride of possessing strength
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल – Sakala. The whole, complete, entire, With body. पूर्ण, सर्व, शरीर सहित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बप्पदेव- आचार्य शुभनन्दि के शिाय जिन्दोंने षट्खण्डागम के प्रथम पाँच खण्डों पर व्याख्या प्रज्ञप्ति तथा कवाय पाहुड़ पर उच्चारणा नामक टीका लिखी। इस टीका के दर्शन करके श्री वीरसेन आचार्य ने धवला नामक टीका रची। समय- ई.श. 1। Bappadeva- An acharya who wrote many famous commentary
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेचक – प्राणयाम का एक स्वरूप ष्वास को बाहर निकालना केवली समुद्रधात में होने वाली आत्मप्रदेषों की अन्तिम उपसंहार की अवस्था। Recaka-Breathing out, a possession of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजस दान – जो दान थोडे समय के लिए सुन्दर और चकित करने वाला हो एवं अपते यष और ख्याति के लिए किया गया हो। Rajasa Dana- Donation for own popularity or fame
आत्मव्यवहार Conception of self consciousness. मात्र अविचलित चेतना ही मैं हूँ ऐसा मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेषमी वस्त्र – रेषम से बने वस्त्र। Resami Vastra-Silky cloth
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रहनय – Sangrahanaya. A standpoint related to collection of matters. अभेद रूप से अर्थात् अपनी जाति का विरोध न करके जो समस्त वस्तुओं को संग्रह करके कथन करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राग प्रत्यय – कर्मोे के आस्त्रव तीन हेतू मोह राग और द्वेश मे से राग का होना। Raga Prataya-One of the passionful causes of influx of karmas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रह्लाद – हसितनापुर के राजा पù के बलि आदि 4 मंत्रियों में एक मंत्री इसी के साथ बलि ने अकम्पनाचार्य अदि 700 मुनियों पर उपसर्ग किया था। Prahalada- One who committed tyranny on all 700 saints (akampanacharya etc) with bali