भगदत्त!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगदत्त – Bhagadatta. Name of a chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान ऋषभदेव के एक गणधर का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगदत्त – Bhagadatta. Name of a chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान ऋषभदेव के एक गणधर का नाम “
इन्द्रियावलोकन अब्रह्म Attraction towards the beauty of ladies. स्त्रियों के मनोहर अंगों को राग भाव से देखने रूप कुशील।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य त्याग – Bahya Tyaga. To renounce all attachments (external materi- als). समस्त बाह्य परिग्रहो (धन धान्यादी ) का त्याग करना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == साधक : == बाह्यमूघ्र्वमादाय, नावमाकांक्षेत् कदाचित् अपि। पूर्वकर्मक्षयार्थाय, इमं देहं समुद्धरेत्।। —समणसुत्त : ५६८ ऊध्र्व अर्थात् मुक्ति का लक्ष्य रखने वाला साधक कभी भी बाह्य विषयों की आकांक्षा न रखे। पूर्वकर्मों का क्षय करने के लिए ही इस शरीर को धारण करे। चरेत्पदानि परिशंकमान:, यत्कििंचत्पाशमिह मन्यमान:। लाभान्तरे जीवितं…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यकुमुदचन्द्रिका – Bhavyakumudachandrika. Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. ११७३- १२४३) कृत एक ग्रंथ “
एषणासमिति Carefulness in alms, food accepting for saints. 5 समिति में एक समिति-मुनि का 46 दोषों से रहित आहार ग्रहण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]