खर्वट!
खर्वट One of the glories of Chakravarti (emperor), low-lying land of a mountain with having 200 villages. चक्रवर्ती का ३४वां वैभव, पर्वत से वेष्ठित वसती , इसके आधीन दो सौ गाँव होते हैं .अपरनाम कर्वट है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
खर्वट One of the glories of Chakravarti (emperor), low-lying land of a mountain with having 200 villages. चक्रवर्ती का ३४वां वैभव, पर्वत से वेष्ठित वसती , इसके आधीन दो सौ गाँव होते हैं .अपरनाम कर्वट है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिशलाका कुंड – Pratishalaakaa Kunda. A very deep & broad pit. 1 लाख योजन लम्बे चौड़े और एक योजन गहरे कुंड का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भासुर – Bhasura. Name of a planet. ८८ ग्रहों में एक ग्रह का नाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोक्ता:One who experiences joy & sorrow both. सुख-दुख परिणामों को भोगने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपल – Vipala. A type of time unit. काल का एक प्रमाण ” ६० प्रतिविपल = १ विपल “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेदोपचार:Statement of something on the basis of its nature. उपचार का भेद; गुण, गुणी में भेदकर के कहना भेदोपचार है ” इसे सद्भूत व्यवहार भी कहते हैं क्योंकि गुण, गुणी का तादात्म्य सम्बंध पारमार्थिकहै “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिदान क्रिया – Vidhidana Kriya. A spiritual activity, appointment of deities by Indra to do their respective duties. गर्भान्वय की ५३ क्रियाओं में एक क्रिया ” इसमें इंद्र न्रमीभूत उत्तम देवों को अपने – अपने पद पर नियुक्त करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपाद्य – Pratipaadya. Expounded, Established. प्रतिपादित, प्रस्तुत, प्रदर्शित “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सद्गुण : == गृहगृह्यो हि सज्जन:। —आदिपुराण : १-३७ सज्जन सदा गुणों को ही ग्रहण करते हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिचंद्र – Pratichandra. A king of Vanara dynasty. वानरवंस का एक राजा ” अंत में दीक्षा लेकर मोक्ष गये “