प्रतिलेखन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिलेखन – Partilekhana. Purifying the place, article etc. with Pichhika by jaina-saints for non-voilence. जैन साधू-साध्वियों द्वारा उठते-बैठते आदि समय पिच्छिका से स्थान , वस्तु आदि का जीवरक्षा हेतु परिमार्जन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिलेखन – Partilekhana. Purifying the place, article etc. with Pichhika by jaina-saints for non-voilence. जैन साधू-साध्वियों द्वारा उठते-बैठते आदि समय पिच्छिका से स्थान , वस्तु आदि का जीवरक्षा हेतु परिमार्जन करना “
चतुरिन्द्रिय जाति नामकर्मप्रकृति A type of Karmic nature causing four sensed beings. नामकर्म की एक प्रकृति ; जिसके उदय से जीव ४ इन्द्रिय कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमा योग – Pratimaa Yoga. A posture of meditation (standing erect). कायोत्सर्ग मुद्रा; इसमें प्रतिमा के सामने खड़े होकर ध्यान किया जाता है “
उद्योतकर One who creates light, A founder of judicial literary. उद्योत (प्रकाश) करने वाला नैयायिकमत के एक साहित्य प्रवर्तक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिभा – Pratibhaa. Talent, genius, brilliancy. प्रज्ञा, मेघा “
थलचल Animals living on Land terrestrial. पंचेन्द्रिय तिर्यंचों के 3 भेदों में एक भेद, धरती पर चलने वाले तिर्यंच जीव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पतिबंध – Pratibandha. Prohibition, Restriction, Limitation, Hindrance. निषेध होना ” अवरोध, विरोध “
त्रुटितांग A time unit. काल का एक प्रमाण , 84 लाख कमल प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतितंत्र – Pratitantra. Ambiguous meaning (indistinct). एक शास्त्र में सिद्ध और दूसरे शास्त्र में असिद्ध अर्थ प्रतितंत्र कहलाता है “