बीधा अन्न!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीधा अन्न – Bidha Anna. Non- edible cereals or grains infected by insects. धुना हुआ अन्न जो अभक्ष्य माना गया है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीधा अन्न – Bidha Anna. Non- edible cereals or grains infected by insects. धुना हुआ अन्न जो अभक्ष्य माना गया है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जिनशासन : == मग्गो मग्गफलं ति य, दुविहं जिनसासणे समक्खादं। —मूलाचार : २०२ जिनशासन (आगम) में सिर्फ दो ही बातें बताई गई हैं—मार्ग और मार्ग का फल। जमल्लीणा जीवा, तरंति संसारसायरमणंतं। तं सव्वजीवसरणं, णंद्दु जिणसासणं सुइरं।। —समणसुत्त : २-१७ अनंत संसार—सागर को पार करने के लिए जीव जिसमें…
उपेक्षा संयम Restraint without attachment .वीतरागमय संयम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यसिद्ध – Bhavyasiddha. The soul worthy of getting bodiless salvation. जो जीव सिद्ध पद की प्राप्ति के योग्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तुग्राही नय – Vastugraahii Naya. A standpoint-accepting of partial knowledge of something. नय ;अनेकांतात्मक वस्तु के अंश को ग्रहण करना “
उरग A type of five sensed animal, Snake. पंचेन्द्रिय तिर्यंच का एक प्रकार सर्प।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भम्भा – Bhambha. Name of an auspicious musical instrument. राम के समय का एक मंगल वाघ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसतिका – Vasatika.: Hermitage, staying place of saints. साधुओं के ठहरने का स्थान ” ध्यान – अध्ययन के योग्य निर्दोष शून्य स्थान ही उसके लिये उपयुक्त है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत शरीर – Bhuta Sharir. See- Bhuta gyanaka Sharir. देखें – भूत ज्ञायक शरीर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्षायोग – Varshaayoga.: Four months rainy seasonal staying of Jain saints at some particular place with particular restrictions. चातुर्मास; जैन साधु – साध्वियों का वर्षाकाल (आषाढ़ शुक्ला चतुर्दशी से कार्तिक कृष्णा अमावस तक ) में मुख्यतः जीव विराधना से बचने हेतु एक स्थान पर रहना ” वर्षायोग सम्बन्धी प्रतिष्ठापना व निष्ठापना की विशेष विधि…