गुणश्रेणी!
गुणश्रेणी Multiple progression. गुणकार रूप जहाँ कर्म के निषेकों में श्रेणीरूप क्रम से कर्म द्रव्य दिया जाए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणश्रेणी Multiple progression. गुणकार रूप जहाँ कर्म के निषेकों में श्रेणीरूप क्रम से कर्म द्रव्य दिया जाए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढ़ सम्यग्दर्शन:Right perception with deep predilection.केवलज्ञान परमात्मा के जो निर्मल क्षयिक सम्यक्त्व होता है अथवा केवलज्ञान के द्वारा देखे गये पदार्थे के विषय मेें जो उत्कृष्ट रूचि होती है।
गतिलघुत्व Levitational motion. गति का एक भेद ;तुम्बडी रूई आदि की(ऊपर जाने वाली)गति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधन हेतु – Saadhana Hetu. Means, resources. देखे – साधन । स्वपक्ष की सिद्धि के लिए प्रयुक्त हुआ हेतु ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशदावग्रह – Vshadavagraha. Decisive right apprehension. जो अवग्रह निर्णयरूप होता है उसे विशद अवग्रह कहते है “
गणिका Serving female deity of Indras with enchanting gestures. महत्तरी (विशेष देवियाँ)-जो देवों में एक एक इन्द्र की दो-दो होती हैं अथवा Prostitute. वेश्या (वेश्या को नगरवधू , लज्जिका , रूपाजीवा, विलासिनी , गणिका आदि नामों से जाना जता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिप्रयोग – Saatiprayoga. A type of illusion, wrong practices of telling lie for money, embezzlement etc. माया के 5 भेदो मे एक भेद, धन के विषय मे असत्य बोलना, किसी की धरोहर का कुछ भाग हरण कर लेना, दूषण लगाना अथवा झूठी प्रषंसा करना सातिप्रयोग माया है।
उभय प्रायश्चित Bilateral repentance (to repent and become free from the same) . अपने अपराध की गुरु के सामने आलोचना करके गुरु की साक्षीपूर्वक अपराध से निवृत्त होना (धवला से)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गजारात्याराव Resonance/roaring of lion. सिंहनाद; जिन (तीर्थंकर) जन्म सूचक चतुर्विध ध्वनियों में एक ध्वनि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागार धर्मामृत – Saagaara Dharmaamrita. Name of a book written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित संस्कृत श्लोकबद्व श्रावकाचार विषयक ग्रंथ । इसमे 8 अध्याय और 477 श्लोक है।