विवेक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहेतुक वन – Sahetuka Vana. Name of initiation & ommiscience forests of 9 Tirthankars (Jaina-Lords)-Ajitnath, Sambhavanath, Sumatinath, Suparshvanath, Sheetalnath, Vimalnath, Anantnath, Kunthunath & Arahnath. तीर्थकर अजितनाथ, संभवनाथ, सुमितनाथ, सुपाष्र्वनाथ, शीतलनाथ, विमलनाथ, अनंतनाथ, कुंथुनाथ, अरनाथ का दीक्षा एवं केवलज्ञान वन ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतरागी : == कामानुगृद्धिप्रभवं खलु दु:खं, सर्वस्व लोकस्य सदेवकस्य। यत् कायिकं मानसिकं च किंचित् , तस्यान्तकं गच्छति वीतराग:।। —समणसुत्त : ७६ सब जीवों का, और तो क्या देवताओं का भी जो कुछ कायिक और मानसिक दु:ख है, वह काम—भोगों की सतत अभिलाषा से उत्पन्न होता है। वीतरागी उस…
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुक्ति-मार्ग : == सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:। —तत्त्वार्थ सूत्र : १-१ सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र—यही मोक्ष का मार्ग है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंकर- सौधर्म स्वर्ग का 27 वाँ पटल व इन्द्रक। prabhamkara – name of the 27th patal (layer) of indrak of saudharma heaven.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रहत्कथाकोष – Brhatkathakosa. Name of a religions story written by Acharya Harishen. आचार्य हरिषेण (ई. सन् ९३१ ) कृत मूल संस्क्रत ग्रंथ इसमें १५७ विभिन्न कथाएं हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश छेदना- छेदना का एक भेद। ऊध्र्व, अधः आदि प्रदेषें के द्वारा द्रव्यों का पृथक् होना। pradesa chedana – separation of matters
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्ममाली: A Kind of Vidyadhara dynasty. विद्याधर वंश का एक राजा ।