व्यंजन पर्याय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
द्रव्य प्रमाण Numerical measure of substances. एक परमाणु से लेकर महास्कन्ध पर्यन्त, संख्यात, असंख्यात और अनन्त या पल, तुला, और कुडव आदि द्रव्य प्रमाण हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आर्यिका Jaina most virtuous and adorable female ascetics are called ‘Aryika’, Name of a book written by Ganini Gyanmati Mataji. नारी जीवन के उत्कृष्ट त्याग की अवस्था।दिगम्बर मुनियों के समान ही आर्यिकाओं की विधि होती है, एक साड़ी मात्र नवधाभक्ति कहते हैं।अहिंसा आदि पांच महाव्रतों का पालन करने वाली यह कर्म शत्रु का विनाश करने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणभक्ति – Nirvaanabhakti. A devotional prayer for salvation of one, A composition Composed by Acharya Kund-Kund & Acharya Pujyapad. 10 भक्तियों में एक भक्ति-आचार्य कुंद-कुंद द्वारा प्राकृत में रचित एवं आचार्य पूज्यपाद द्वारा संस्कृत में रचित “
द्रव्यनिमित्त Physical cause (reg. Karmic binding & furition). द्रव्य, क्षेत्र, काल व भाव की अपेक्षा से कर्मों का बन्ध व उदय होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य उदय Physical fruition (reg. Karmas). द्रव्य, क्षेत्र , काल व भाव के निमित्त के वश में कर्मों के फल का प्राप्त होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लोभ – Nirlobha. Greedless. शौच धर्म; चारों prप्रकार kके लोभ से रहित होना “
द्रमिल A part of the south India. दक्षिण भारत का एक भाग जो मद्रास सेरिंगपट्टम और कामोरिम तक फैला हुआ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आहारपर्याप्ति नामकर्म Complete development of body after trans-migration. आहार वर्गणा के परमाणुओं को खल व रसभाग रूप परिणामावने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “