दो गुणहानि!
दो गुणहानि A kind of decreasing series. गुणहानि आयाम को दो गुना करने पर जो प्रमाण प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दो गुणहानि A kind of decreasing series. गुणहानि आयाम को दो गुना करने पर जो प्रमाण प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्रा लिंग – Bahya Limga. External emblem or marks. बाहरी चिन्ह, दिगम्बरत्व “
उत्पाद Product, origination of any matter into new existence. द्रव्य का अपनी पूर्व अवस्था को छोड़कर नवीन अवस्था को प्राप्त करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीह – Nireeha. Desireless, Submissive. इच्छा रहित होना, उदासीन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यज्ञायक शरीर – Bhavyagnayaka Sarira. One who is going to be learned one in future. नो आगम द्रव्य का एक भेद; जो कर्म के स्वरूप को कहने वाले शास्त्र का जानने वाला आगे होगा वह भव्यज्ञायक शरीर कहलाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमोही भावना – Sammohee Bhaavana. Hypocratic mentality (deceitful Intention). 5 कुत्सित भावनाओं में एक भावना इसका नाम कुटुम्ब मोहनी भी है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराकांक्ष – Niraakaanksha. Free from all desires. इच्छा से रहित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवज्र – Suvajra. Name of a Vidyadhar kind. एक विद्याधर, राजा वज्र का पुत्र और वज्रभृत का पिता ।