तदुभय प्रायश्चित्त!
तदुभय प्रायश्चित्त A type of repentance (related to self criticism). प्रायश्चित्त के 10 भेदों में एक भेद आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों का संसर्ग होने पर दोषों का शोधन होने से तदुभय प्रायश्चित्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदुभय प्रायश्चित्त A type of repentance (related to self criticism). प्रायश्चित्त के 10 भेदों में एक भेद आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों का संसर्ग होने पर दोषों का शोधन होने से तदुभय प्रायश्चित्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखशुद्धि मुक्त्करण विधि–Mukhashuddhi Muktkaran Viddhi. The process of abandoning the cleaning of mouth & teeth before taking food for a newly initiated Digambar Jain ascetic. भोजन से पूर्व की जाने वाली मुखशुद्धि (मंजन आदि से) का दीक्षा के पश्चात् सदैव के लिए त्याग करने की एक विशेष विधि;दीक्षावाले दिन दीक्षार्थी का पूर्ण उपवास…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानत्रिक – Styanatrika. A triplet of karmic nature related to sleepiness.स्त्यानगृद्वि, निद्रानिद्रा, प्रचलाप्रचला ये तीन कर्म प्रकृतियाॅ स्त्यानत्रिक कहलाती है।
तदिंद्रियालोचन Staring at the beauty of a woman ( with some bad intention). 10 प्रकार के अब्रह्म में एक भेद, स्त्रियों के सुन्दर शरीर का अवलोकन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्विंशति मंडल यन्त्र A metal-plate engraved with some auspicious and mystic words. एक मंत्र लिखित धातु की प्लेट ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
टंडाता गीत Name of a book related to true philosophy of life. संसार दुख दर्शन विषयक एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यक्तराग –Vyaktaraga. Expressible attachment. जो राग प्रगट रूप में रहता हैं “
तत्वश्रद्धान Faith on all 7 tattvas (real matters). 7 तत्वों पर श्रद्धान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूड़ादेवी Mother’s name of the 12th Chakravarti (emperor) ‘Brahmadatta’. १२वें चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त की माता का नाम . अपरनाम – चूला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणरत्नाचार्य Name of an Acharya saint. आचार्य ;षट्दर्शन समुच्चय टीका के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]