आनंदा!
आनंदा Name of a female divinity of Anjan Summit of Ruchakvar mountain, A Vapi (like large lake) of Samavsharan. रूचकवर पर्वत के अंजन कूट की देवी का नाम, समवशरण के अशोक वन में स्थित छः वापियों में एक वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनंदा Name of a female divinity of Anjan Summit of Ruchakvar mountain, A Vapi (like large lake) of Samavsharan. रूचकवर पर्वत के अंजन कूट की देवी का नाम, समवशरण के अशोक वन में स्थित छः वापियों में एक वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विलेपन – Vilepana. Smearing, To apply scenty material on body. शरीर पर चंदन व कुंकुम आदि सुगंधित पदार्थ का लेपन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमोपेक्षा संयम:Absolute right conduct related to perfect restraint.निश्चय चारित्र या शुद्वोपयोग।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लताभूमि – समवषरण की 11 भूमियों में तीसरी लतावन भूमि इसमे नाना प्रकार की लताएं सुषोभित होती है। लत भूमि में लता मण्डप बने होते है जिसमे सुर क्रीडा रत रहते है। Latabhumi-One of the 11th lands in the samavsdharan (Assembly of lord) containing greenery & creepers
ई The fourth vowel of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का चतुर्थ स्वर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजतप्रभ – कुंडलवर पर्वत के दक्षिण दिषा का प्रथम कूट Rajata Prabha-Name of the first summit of southern Kundalvar mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य भूमि – Saamaanya Bhoomi. Gircular land in the assembly of Lord Arihant (with 20,000 stairs in every direction). समवसरण के 31 अधिकारों में प्रथम अधिकार । समवशरण में सामान्य भूमि गोल होती है। उसकी प्रत्येक दिशा में आकाश में स्थित 20-20 हजार सीढि़याॅं है।
एक करवटनिद्रा An austerity, Sleeping with the single posture. कायक्लेश का भेद- एक करवट से सोना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य छल – Saamaanya Chhala. General cheating or deceitful behavior. छल के तीन भेद वाक्छल, सामान्य छल व उपचार छल में एक भेद । सम्भावना मात्र से कही गयी बात को सामान्य नियम बनाकर वक्ता के वचनों के निषेध करने को सामान्य छल कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत् – Sat. Truth, Reality, Existence, Essence. पदार्थों का स्वतः सिद्ध अस्तित्व ” या उत्पाद, व्यय और ध्रौव्य से युक्त द्रव्य ” सता, सत्व, सामान्य, द्रव्य, वस्तु, अर्थ, विधि, सत् ये सर्व एकार्थवाची शब्द हैं “