आय-ज्ञान!
आय-ज्ञान A book written on astrology by ‘Bhattavosari’. भट्टवोसरि (ई.श.10 उत्तरार्ध) द्वारा रचित एक ज्योतिष विषयक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आय-ज्ञान A book written on astrology by ‘Bhattavosari’. भट्टवोसरि (ई.श.10 उत्तरार्ध) द्वारा रचित एक ज्योतिष विषयक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दैववाद Fatalism. भाग्यवाद एकांतमत जो मात्र दैव या भाग्य को ही मानते हैं, पुरूषार्थ को निरर्थक समझते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परपरिवाद कथा:Condemnatory talk.25 विकथाओं में एक कथा दूसरे की निंदा आदि करना ।
दुर्द्धर Extraordinary difficult (penance etc.) A king of Yadu dynasty, A city in the north of Vijayardh mountain. कठिन (तपस्या आदि ), यदु (यादव) वंश का एक राजा, विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाहा – Svaahaa. An exclamation used in the worshipping of God. पूजा, मंत्र, हवन आदि मे प्रयुक्त होने वाला शांतिवाचक एक विषेष शब्द।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परघात नामकर्म प्रकृति:A Karmc nature whicdh causes formation of destructive means like poision etc. in the body. पर जीवों के घात को परघात कहते है। जिस कर्म के उदय से शरीर में पर को घात करने के कारणभूत पुदगल निष्पन्न होते हैं, वह परघात नामकर्म प्रकृति है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वानुभूति – Svaanubhuuti. Self realization or intuition. आत्मानुभूति। आत्मा का अनुभव या ज्ञान जो सम्यक्त्व स्वरुप है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिंब – Bimba. Image or idol (of Lord etc.). प्रतिमा , मूर्ती “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साकार स्थापना – Saakaara Sthaapanaa. If the representative and the represented are similar in fiqure, then such installation are called Sakar Sthapana. तदाकार स्थापना निक्षेप, पाषाण या धातु की बनी हुई तदाकार प्रतिबिम्ब मे जिनेन्द्र भगवान की या इन्द्र की स्थापना करना तदाकार स्थापना है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांख्यदर्शन – Saankhyadarshana. Name of a philiosophy, its founder was Mahrshi Kapil. एक एकांत दर्षन इसके मूूल प्रयोग महर्षि कपिल थे। इस दर्षन के मूल पदार्थ दो है- पुरुष व प्रकृति। पुरुष चेतन तत्तव है और प्रकृति जड़ है।