प्राण असंयम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राण असंयम- वट्काय जीवों की विरधना से उत्पन्न असंयम प्राण असंयम है। PranaAsamyanma- Violence of living beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राण असंयम- वट्काय जीवों की विरधना से उत्पन्न असंयम प्राण असंयम है। PranaAsamyanma- Violence of living beings
धनदेव Name of the 6th chief disciple of Lord Rishabh-anath, The son of Kuberdatta. ऋषभनाथ के छठे गणधर एक वैश्य कुबेर दत्त का पुत्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिरात्मा – मिथ्यादर्शन से मोहित जीव जो आत्मा के ज्ञान, ध्यान से विमुख रहकर इन्द्रियों के सुख को भेगता है। Bahiratma- Follower of materialism of worldly enjoyments
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवानुगामी – Bhavanugami. A type of clairvoyance (remains with one after transmigration). अनुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो अवधिज्ञान उत्पन्न होकर उस जीव के साथ अन्य भव में जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलऋद्धि- एक ऋद्धि जो मन, वचन व काय क भेद से तीन प्रकार की होती है। परीाहों के सहने में बलप्रदायिनी ऋद्धि। बाहुबली भगवान ने यह ऋद्धि अपने तपोबल से प्रप्त की थी। Balarddhi- A type of supernatural power related to strength
द्वीप कमार A type of deities (having abodes). भवनवासी देवों का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ईर्यापथिक A type of repentance (Pratikraman). 7 प्रकार के प्रतिक्रमणों में एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
महापुराण- आचार्य जिनसेन कृत कलापूर्ण संस्कृत काव्य जिसे इनकी मृत्यु के पश्चात् इनके शिश्य आ0 गुणभद्र ने पूरा किया । जिनसेन वाले भाग का नाम आदि पुराण है जिसमें भगवान ऋषभ तथा भरत बाहुबलि का चरित्र चित्रित किया गया है। इसमें 47 पर्व तथा 15000 श्लोक है गुणभद्र वाले भाग का नाम उत्तर पुराण है…