तत्वोपदेशकृत!
तत्वोपदेशकृत One who reveals the real nature of things. तत्वों का उपदेश करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वोपदेशकृत One who reveals the real nature of things. तत्वों का उपदेश करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
दर्पणतुल्य भूमि An excellence of Lord Arihant (Land to have like mirror).अरहंतो के केवलज्ञान का एक, अतिशय, दर्पण के समान भूमि का स्वच्छ होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुल : == पुरिसाण कुलीणाण वि न कुलं विणयस्स कारणं होइ। चंदाऽमय—लच्छि सहोयरं पि मारेइ किं न विसं।। —गाहारयणकोष : १०० कुलीन पुरुषों का कुल विनय (आचार) का कारण (प्रमाण) नहीं होता। विष चन्द्र, अमृत एवं लक्ष्मी का सहोदर होते हुए भी क्या प्राण नाश नहीं करता ?
जघन्य युक्तानंत A mathematical term (reg. numbers). जघन्य परितानंत की दो बार वर्गित संवार्गित राशि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वज्ञानतरंगिनी Name of a book written by Acharya Gyanbhushsan. आचासर्य ज्ञानभूषण (ई.1447-1495) द्वारा रचित शुद्ध चैतन्य प्रतिपादक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेणा – Namdisena Name of the female deity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी ”
ज The eighth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का आठवाँ व्यंजन , इसका उच्चारण स्थान तालु है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वनिर्णय A book written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई.-1556) द्वारा रचित एक याय विषयक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदसप्तमी व्रत – Namdasaptami Vrata A particular vow is to be followed for seven years. सात वर्ष तक प्रतिवर्ष भादों सुदी 7 को उपवास करना ”
जम्बूशंकपुर A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]