त्रिवर्ण!
त्रिवर्ण Three caste divisions (Kshatriya, Vaishya and Shudra). क्षत्रिय , वैश्य और शुद्र ये तीन वर्ण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिवर्ण Three caste divisions (Kshatriya, Vaishya and Shudra). क्षत्रिय , वैश्य और शुद्र ये तीन वर्ण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गौणसेन A disciple of Acharya Siddhantsen. आचार्य सिद्धांतसेन के शिष्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सनातन – Sanaatana. A Sankhya thinker, immemorial or eternal. एक सांख्य विचारक, प्राचीन काल से चला आता हुआ क्रम।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संरक्षणानंद – Sanraksanaananda. To worry for prosperity. रौद्रध्यान का एक भेद; धन के उपार्जन एवं संरक्षण आदि का चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वित्तसार – Vittasaara.: Name of a treatise written in Apabhransh language. श्रावक एवं मुनि धर्म सम्बन्धी अपभ्रंश भाषा का ग्रन्थ (ई.श. 15) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सनत्कुमार देव – Sanatkumaara Deva. Name of the Indra of third heaven (Sanatkumar). तीसरे सनत्कुमार स्वर्ग के इन्द्र ये भगवान के जन्मकल्याणक मे माहेन्द्र इन्द्र के साथ चंवर ढुराते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयार्ध – Vijayaardha.: Name of a great mountain (in Jain philosophy). भरत और ऐरावत क्षेत्र के मध्य स्थित एक पर्वत,चक्रवर्ती के विजय-क्षेत्र की आधी सीमा इसी पर्वत से निर्धारित होती है,इसीलिए इसे विजयार्ध कहते है “इस पर विद्याधरों का निवास है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगिनी: Name of a chief Aryika (Ganini) in the Samavasharan (assembly) of Lord Naminath. नमिनाथ भगवान के समव शरण की मुख्य आर्यिका का नाम “
दशकरण चूलिका A part or lesson of ‘Gommatsar-Karmakanda’ treatise. गोम्मटसार – कर्मकांड ग्रंथ का एक अध्याय , इसमें 10 कारणों का स्वरूप है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]