भद्रक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रक – Bhadraka. A type of peripatetic deities, Worthy or gentle person. यक्ष जाती के व्यन्तर देवों का एक भेद , चतुर्थ काल के कोमल परिणामी परुष “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रक – Bhadraka. A type of peripatetic deities, Worthy or gentle person. यक्ष जाती के व्यन्तर देवों का एक भेद , चतुर्थ काल के कोमल परिणामी परुष “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] व -Va : The 29th consonant of the Devanagari syllabary . देवनागरी वर्णमाला का उन्नीसवां व्यंजन ,इसका उच्चारण स्थान दन्त्य अथवा दन्त्यौष्ठ माना जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषादिनी – Nishaadinee. 5th type of music in all 8 kinds. संगीत की 8 जातियों में पांचवी जाति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधु समाधि – Saadhu Sangha. Group of Jaina saints (with Muni, Aryika, Shravak & Shravika). 16 कारण भावनाओं में भावना । बाहय व आभ्यंतर कारणों से साधु-संघ के तपष्चरयण में विघ्न आने पर संघ की रक्षा करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षाव्रत – Shikshaavrata. Vows pertaining to religious instructions. मुनिधर्म के अभ्यास में हेतु रूप गृह्स्थों के 4 व्रत-भोगोपभोग परिमाण, सामायिक, प्रोषधोपवास, अतिथिसंविभाग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयाचार – Nishchaayachaara. Absolute religious conduct & behaviour. परद्रव्यों से भिन्न शुद्धात्मा तत्व में श्रद्धा, ज्ञान, आचरण, तप शक्ति को न छिपाते हुए परिणमन(आचरण) करना निश्चयाचार है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्रदान – Shaastradaana. A type of donation-providing scriptures or scriptural knowledge. दान का एक भेद (ज्ञान दान)-सत्पुरुषों का उपकार करने की इच्छा से शास्त्र का व्याख्यान करना या पठन सामग्री देना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय वन्दना – Nishchaya Vandanaa. To pay reverence absolutely to soul with right perception, knowledge & conduct. मुनियों द्वारा दर्शन, ज्ञान व चरित्र स्वरुप उत्तम आत्मा की वन्दना करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोयोग – Manoyoga. Mental concentration , Vibration in soul – points due to mental activity. मन के निमित्त से आत्म प्रदेशों में उत्पन्न परिस्पंदन क्रिया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शाखा – Shaakhaa. Branch, division, Section. किसी भी विषय सम्बंधी उपभाग “