एक हजार आठ!
एक हजार आठ A number – 1008 (characteristics of Tirthankar – Jaina Lord. तीर्थंकर भगवान के 1008 लक्षण होते हैं। सहस्रनाम स्तोत्र में भवान के 1008 नाम हैं। सहस्रनाम विधान में 1008 अध्य्र हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक हजार आठ A number – 1008 (characteristics of Tirthankar – Jaina Lord. तीर्थंकर भगवान के 1008 लक्षण होते हैं। सहस्रनाम स्तोत्र में भवान के 1008 नाम हैं। सहस्रनाम विधान में 1008 अध्य्र हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वविचार Analysis of doctrines of reality (related to matters). कर्मक्षय के निमित्ता रूप पदार्थों का विचार कर वस्तु स्वरूप समझना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रशरीर काल–Mishra Shareer Kaal. Duration of growth time period of complete body formation. आहार ग्रहण से शरीर पर्याप्ति तक का काल”
चन्द्रपर्वत Daughter of Ratnashrava & sister of Ravana. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगारिदमन–Mragaridaman. A king of Rakshas dynasty. रक्षास्वंश का एक विघाधर राजा”
चन्द्रपुर A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, चंद्रप्रभ भगवान की जन्मनगरी (चंद्रपूरी), जो वाराणसी नगरी के पास स्थित है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपुर Houses constructed on the door of rampart. कोटों के दरवाज़ोन पाकर जो घर बने होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वाणी : == पुव्विं बुद्धीए पासेत्ता, तत्तो वक्कमुदाहरे। अचक्खुओ व नेयारं, बुद्धिमन्नेसाए गिरा।। —व्यवहारभाष्य पीठिका : ७६ पहले बुद्धि से परखकर फिर बोलना चाहिए। अंधा व्यक्ति जिस प्रकार पथ—प्रदर्शक की अपेक्षा रखता है, उसी प्रकार वाणी बुद्धि की अपेक्षा रखती है।
गूढ़दन्त Name of the 4th predestined Chakravarti (emperor). भविष्यकालीन चौथे चक्रवर्ती का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक काययोग –VaikriyikaKayayaga Vibration in the soul points of transformable body of deities & hellish beings. वैक्रियिक शरीर में या उसके द्वारा जो आत्मा के प्रेदशो में परिस्पंदन होता हैं उसको वैक्रियिक काययोग कहते हैं “