प्रियकारिणी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियकारिणी- भगवान महावी की माता जो वैषाली के महाराजा चेटक की सात पुत्रियों में से सबसे बड़ी पुत्री थी। अपरनाम-त्रिषला। Priyakarini- mother’s name of lord mahavira
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियकारिणी- भगवान महावी की माता जो वैषाली के महाराजा चेटक की सात पुत्रियों में से सबसे बड़ी पुत्री थी। अपरनाम-त्रिषला। Priyakarini- mother’s name of lord mahavira
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमाणु-जो अत्यन्त तीक्ष्ण शस्त्र से भी छेदा या भेदा नहीं जा सकता,तथा जल और अग्नि आदि के द्वारा नाश को प्राप्त नहीं होता,वह परमाणु है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षडंशता – Sadanshata. Defining a matter into 6 parts. किसी द्रव्य को 6 अंशों में मानना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव विचय – Bhava Vichaya. Religious contemplation or meditation. धर्म ध्यान; चेतन-अचेतन पदार्थों के स्वभाव का विचार करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेतरुधिर – Shvetarudhira. Blood having milk colour, one of the 10 excellences of the birth of Lord Arihant. अरहंतो के जन्म के 10 अतिशयों में एक अतिशय, दूध के समान धवल (सफेद ) रुधिर होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेयस्कर – Shreyaskara. Mertorious, Auspicious, A type of heavenly deities. लाभप्रद, मंगलकारी, लौकांतिक देवो का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारब्ध देश संयमी – जिसने श्रावक के व्रतों का अभ्याश प्रारंभ किया Prarabdha desa Samyami- layman votary with abstinence
तीर्थंकर- जो धर्मतीर्थ का प्रवर्तन करते हैं वे तीर्थंकर कहलाते हैं । या 24 Lords of Jaina; propagator of eternal religion. संसार सागर को स्वयं पार करने तथा दूसरों को पार कराने वाले महापुरूष धर्मतीर्थ के प्रवर्तक , पंचकल्याणकों से पूजित , प्रत्येक कल्प (चतुर्थ काल) में वे 24 होते है। जैसे – वर्तमान काल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतमुनि – Shrutamuni. The disciple of saint Abhayachandra Suri. त्रिभंगीसार टीका एवं परमागमसार ग्रंथ के रचयिता, जो अभयचंद्र सूरि के शिष्य थे ” समय ई. श. 13-अंतिम पाद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्युत्कुमार – Vidyutkumara. A type of residential deities. भवनवासी के १० भेदों में एक भेद ” यह रत्नप्रभा पृथिवि के खरभाग में रहते हैं “