पनस!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पनस:Indian bread-fruit tree or Jack-tree.कटहल ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य त्याग – Bahya Tyaga. To renounce all attachments (external materi- als). समस्त बाह्य परिग्रहो (धन धान्यादी ) का त्याग करना “
इंद्रिय प्रत्यक्ष Emperical sense intuition based on observation and experience. सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष जो इन्द्रिय और मन की सहायता से पदार्थ को एकदेश स्पष्ट जानता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == साधक : == बाह्यमूघ्र्वमादाय, नावमाकांक्षेत् कदाचित् अपि। पूर्वकर्मक्षयार्थाय, इमं देहं समुद्धरेत्।। —समणसुत्त : ५६८ ऊध्र्व अर्थात् मुक्ति का लक्ष्य रखने वाला साधक कभी भी बाह्य विषयों की आकांक्षा न रखे। पूर्वकर्मों का क्षय करने के लिए ही इस शरीर को धारण करे। चरेत्पदानि परिशंकमान:, यत्कििंचत्पाशमिह मन्यमान:। लाभान्तरे जीवितं…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संबंधाहार (सचित्त) – Sambandhaahaara (Sachitta). A kind of food; as cooked hot vegetable mixed with the raw one etc. It is non-edible according to Jaina philosophy. सचित्त से चेतना द्रव्य लिया जाता है ” इससे सम्बंध को प्राप्त हुआ द्रव्य सचित्त सम्बंधाहार है ” व्रतियों के लिए ऐसा आहार त्याज्य है “
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यकुमुदचन्द्रिका – Bhavyakumudachandrika. Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. ११७३- १२४३) कृत एक ग्रंथ “
त्रिमुख Ruling demigod of Lord Sambhavnath. संभवनाथ भगवान का शासन यक्ष। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्ममालिनी: Name of a chief female divinity of peripatetic Indras. व्यंतर इन्द्र की प्रधान देवी का नाम ।