एकत्वप्रत्यभिज्ञान!
एकत्वप्रत्यभिज्ञान Unitary recognition. स्मृति और प्रत्यक्ष के विशयभूत पदार्थ में एकता दिखाते हुए जोड़रूप ज्ञान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकत्वप्रत्यभिज्ञान Unitary recognition. स्मृति और प्रत्यक्ष के विशयभूत पदार्थ में एकता दिखाते हुए जोड़रूप ज्ञान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उच्छेदवाद Nihilism, Annihilationism. शुन्यवाद मूलोच्छेदन अथवा उखाड़ देना आदि का सिद्धान्त।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचा उपकरण विवेक – Vaachaa Upakarana Vivek. Discrimination related to right speech. विवेक का एक भेद ,मैने इन ज्ञानोपकरणादि का त्याग किया ऐसा वचन बोलना “
ईसवी संवत् The Christian era. यह ईसामसीह के स्वर्गवास के बाद यूरोंप में प्रचलित हुआ, इसकी स्थापना वीर निर्माण के 527 वर्ष और विक्रम संवत् से 57 वर्श पश्चात् हुई है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यतिवृषभ–Yativrashabh. Name of a great Digambar Acharya who wrote many books like ‘Tiloy Pannati’ etc. कषाय प्राभ्रत के चूर्णसूत्र, तिलोय पण्णत्ति आदि के रचयिता एक आचार्य, ये आर्यमंक्षु व नागहस्ति के शिष्य (ई. 143–173) थे”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचशिख – Panchashikha. Name of a sage, disciple of Asuri, A trumpt. आसुरि के शिष्य (ई.श.1) जिन्होनें सांख्य प्रवचन सूत्र एवं तत्व समास का बहुत विस्तार किया, दुंदुभी या तुरही “
आराम Hermitage. साधुओं के लिए रहने योग्य विविक्त (एकांत) स्थान का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रकेशी–Mishrakoshi. A female deity residing on ruchak mountain who serves the mother of Jaina Lord. रुचकपर्वतनिवासिनी दिक्कुमारी देवी” यह चमर लेकर जिन्मता की सेवा करती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमार्णव – Panchamaarnava. Kshirasagar (an ocean), the water of which is used for lastral bath of Tirthankars (Jaina-Lords). क्षीरसागर, इसके जल से तीर्थंकर का जन्माभिषेक किया जाता है “
उष्ण नामकर्म Heat producing karmas . जिस कर्म के उदय से शरीरगत पुद्गल स्कंधों में उष्णता होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]