मिथ्या शल्य!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या शल्य–Mithya Shalya. False concept of religious devotion. ‘अपना निरंजन दोष रहित परमात्मा ही उपादेय है’ ऐसी रूचिरूप सम्यक्त्व से विलक्षण मिथ्याशल्य कहलाती है ” अर्थात् मिथ्यात्व में रूचि रखते हुए व्रतों का पालन करना “