मेरुपंक्ति व्रत!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुपंक्ति व्रत–Merupankti Vrat. A particular type of fasting. 5 मेरु संभंधी 80 चैत्यालयो के व्रत इसमें 80 उपवास और 20 वन संभंधी 20 बेला किए जाते है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुपंक्ति व्रत–Merupankti Vrat. A particular type of fasting. 5 मेरु संभंधी 80 चैत्यालयो के व्रत इसमें 80 उपवास और 20 वन संभंधी 20 बेला किए जाते है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अंतर – Bhava Anamta. To have knowledge of scriptures and involve- ment in it. अनन्त विषयक शास्त्र को जानना एंव वर्तमान में उसके उपयोग से उपयुक्त होना अथवा त्रिकाल जात अनंत पर्यायों से परिणत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलांजना – Neelaanjanaa. A dancing-girl at the court of Indra who caused worldly aversion to Rishabhdev. इन्द्र की अप्सरा; तीर्थंकर ऋषभदेव को वैराग्य उत्पन्न करने के लिए स्वर्ग से इन्द्रउ से लाया था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजरुह – Bija Ruha. Vegetation produced by seeds (like rice ,wheat etc.). वनस्पति; जो बीज से ही उत्पन्न होती है ” जैसे – चावल, गेहूं आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचदेव – Neechadeva. A type of low deities. किल्विष आदि निम्न जाति के देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिल्पकर्मार्य – Shipakarmaarya. A type of Aryas having professional job according to caste. सावद्य कर्मार्य के 6 भेदों में एक भेद; धोबी, नाई, लुहार, कुम्हार, सुनार आदि शिल्प कर्मार्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन पथ – Vachan Patha.: Theory of different view points. वचन मार्ग; कहने के जितने मार्ग है उतने ही नयवाद अर्थात नय के भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्पाप – Nishpaapa. Sinless, Name of the 13th predestined Tirthankar(Jaina Lord). समस्त पापों से रहित, 13 वें भाविकालीन तीर्थंकर का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्तृत्व – Vaktratva: Eloquence ,Art of fluent speech . वक्तापन ,भाषण “