भाष्य!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाष्य – Bhasya. Commentary, Exposition. व्याख्या, व्रत्ति, टीका “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाष्य – Bhasya. Commentary, Exposition. व्याख्या, व्रत्ति, टीका “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालयती – Balayati. A celibate saint from childhood. अविवाहित रहकर जो कुमार अवस्था मे ही दीक्षा धारण कर लेते हैं, ऐसे मुनि ” चौबीस तीर्थकरो मे से पाँच तीर्थकर (वासुपूज्य, मल्लिनाथ,नेमिनाथ, पाश्रृनाथ व महावीर स्वामी) बालयती हुए है “
एकत्व भावना Feeling of unitariness (reg. difference in soul & family etc.). कुटुम्ब परिवार आदि को आत्मा से भिन्न करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्याश्रमण – Vidyasramana. Learned Jaina saints at the learning stage of 10th Purva (scriptural knowledge). जो मुनि दसवें पूर्व को पढते समय रोहिणी आदि लौकिक विद्याओं के प्रलोभन में न पड़कर दशपुर्व के पाठी होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाणप्रस्थ – Vaanaprastha.: The third progressive spiritual stage of mundane life. वानप्रस्थ आश्रम ;सप्तम प्रतिमाधारी से लेकर 11वीं उद्दिष्ट प्रतिमाधारी तक उत्कृष्ट वाणप्रस्थ खंड वस्त्रधारी क्षुल्लक व ऐलक हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचाध्यायी – Panchaadhyaayee. A book written by Pandit Rajmal ji. पं. राजमलजी (ई. 1593) कृत एक संस्कृत ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोन्न – Pona. A Kannad poet who wrote ‘shanti Purana Jinakshra Male. शांति पुराण जिनाक्षर माले के रचयिता एक कन्नड़ कवि (ई. ९७२) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाचनिक व्युत्सर्ग– Vaachanika Vyutsarga.: Auspicious reveential utterances in meditation. शब्दों के द्वारा अभिव्यक्त जाप या कायोत्सर्ग “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा बंध Continuity of binding of Karmas.ब्ंाध की निरन्तरता का नाम बंध परम्परा है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “