धर्मरथ!
धर्मरथ Name of a great saint. मुनिः जिनके पास रावण ने प्रतिज्ञा ली थी कि जो परस्त्री मुझे न चाहेगी उसके साथ बलात्कार न करूंगा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मरथ Name of a great saint. मुनिः जिनके पास रावण ने प्रतिज्ञा ली थी कि जो परस्त्री मुझे न चाहेगी उसके साथ बलात्कार न करूंगा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाभाव छेदना – Pragyaabhaava Chhedanaa. Sagacious knowledge related to 6 entries (dravyas). मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान और केवलज्ञान के द्वारा छह द्रव्यों का ज्ञान होना “
धर्मपात्र Religious characters like saint, householders etc. रत्नत्रय धर्म के साधने वाले उत्तम (मुनि), मध्यम (श्रावक) व जघन्य (अविरत सम्यक्दृष्टि) पात्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्म अनुप्रेक्षा Contemplation of religion. धर्म के स्वरूप का बराबर चिंतन करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धम्मपरिक्खा A book written by Harishena. धर्मपरिक्षा ; ई. सन् 987 में हरिषेण कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोह-विजय : == णिस्सेसखीणमोहा, फलिहामलभायणुदयसमचित्तो। —पंचसंग्रह : १-१५ जिसने सम्पूर्ण मोह को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, उस निर्मोही का चित्त स्फटिक मणि के पात्र में रखे हुए स्वच्छ जल की भाँति निर्मल हो जाता है।
धनदेव Name of the 6th chief disciple of Lord Rishabh-anath, The son of Kuberdatta. ऋषभनाथ के छठे गणधर एक वैश्य कुबेर दत्त का पुत्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदकल्पना – सापेक्ष – अशुद्ध – द्रव्यार्थिक नय –A kind of viewpoint which differentiate the relation of properties (virtues) and its possessor (matter). नय; जो द्रव्य में गुण-गुणी का भेदकर के उनमेंसम्बधं स्थापित करता है, जैसे द्रव्य गुण व पर्याय वाला है अथवा जीव ज्ञानवान्है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवानुगामी – Bhavanugami. A type of clairvoyance (remains with one after transmigration). अनुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो अवधिज्ञान उत्पन्न होकर उस जीव के साथ अन्य भव में जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषांग:See – Bhusanamga jati kalpvraksh. देखें – भूषणांग जाति कल्प वृक्ष।