स्त्रीकथा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीकथा – Strikathaa. Passionate tale or romantic gossip.विकथा के 4 भेदो मे एक भेद। स्त्रियो की रागोत्पादक कथाओ को सुनना या करना अथवा कामीजनो द्वारा की जाने वाली स्त्रियो की संयोग-वियोग जनित विविध वचन रचना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीकथा – Strikathaa. Passionate tale or romantic gossip.विकथा के 4 भेदो मे एक भेद। स्त्रियो की रागोत्पादक कथाओ को सुनना या करना अथवा कामीजनो द्वारा की जाने वाली स्त्रियो की संयोग-वियोग जनित विविध वचन रचना।
चंद्रभ A Kannad poet who wrote Gommateshvar Charit. एक कन्नड़ कवि (ई.श. १६०५) जिन्होंने गोम्मटेश्र्वर चरित की रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदीरणा Premature fruition of Karmas. स्थिति बिना पूरी किये ही कर्मों का फल देना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारूदत्त चारित्र A book written by Acharya Somkirti. आचार्य सोमकीर्ति भट्टारक (ई. १४७४) कृत का एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा परिच्छेद – Bhasha Pariccheda. Name of a book written by Vishvanath. विश्वनाथ कृत वैशेषिक दर्शन का एक ग्रंथ “
चेतना Consciousness, Vigour, Vitality. जिस शक्ति के सानिध्य से आत्मा ज्ञाता- दृष्टा अथवा कर्ता – भोक्ता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलचित्र – परिणाम संख्या की हल के आकार की रचना लांगल चित्र कहते है। Lamgal Citra-a plough like figure
चिदम्बर An addressing word for one at the supreme spiritual state. चैतन्य ही है अम्बर अर्थात् वस्त्र जिनका , ऐसी अर्हन्त – सिद्ध आत्मा को चिदम्बर शब्द से संबोधित किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति प्रायोग्यानुपूर्वी – Manushyagati Praayogyaanupuurvi. Transmigratory state of soul as in previous shape while going towards human birth. जिस कर्म के उदय से मनुष्य गति में जाते हुए जीव के पूर्व शरीर के समान आत्मा के प्रदेशों का आकार बना रहे “
घ्राण Nose-a smelling sense. नासिका ; ५ इन्द्रियों में तीसरी इन्द्रिय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]