दिग्वासी देव!
दिग्वासी देव Peripatetic celestials (deities). व्यंतर देव का अपर नाम ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिग्वासी देव Peripatetic celestials (deities). व्यंतर देव का अपर नाम ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातवीं पृथ्वी – Saataveen Prthivee. The 7th hellish earth. महातमः प्रभा नाम की नरक पृथिवी, यह 8 हजार योजन मोटी है। इस पृथिवी से एक राजु नीचे लोक का अंत है।
दशाध्यायी सूत्र Another name of ‘Tattvarth Sutra’ written by Acharya Umasvami. आचार्य उमास्वामी कृत तत्वार्थसूत्र का अपरनाम जिसमें दश अध्याय हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विर्याचरण –Viryacarana Conduct according to the capability. सामथ्र्य के अनुसार आचार का पालन करना “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगचारित– Mragcharit. Unrestrained saints (who make decisions by themselves). जो साधु अकेले ही स्वच्छंद रीती से विहार आदि करते है”
तोयंधरा Name of a female deity of Vijaykuta. नन्दनवन में स्थित विजयकूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चरणानुयोग गृहमेध्यनगाराणां चारित्रोत्पत्तिवृद्धिरक्षाङ्गम्। चरणानुयोगसमयं सम्यग्ज्ञानं विजानाति।।४५।। अर्थ-सम्यग्ज्ञान ही गृहस्थ और मुनियों के चरित्र की उत्पत्ति, वृद्धि और रक्षा के अंगभूत चरणानुयोग शास्त्र को जानता है अर्थात् जिसमें श्रावक और मुनिधर्म का वर्णन किया जाता है, वह चरणानुयोग है। अथवा An Anuyog (a division of particular treatises) dealing with principles of conduct prescribed for the householders…
दशपूर्वी Great knowledge of 10 Purvas. अभिन्नदशपूर्वी मुनियों की बुद्धि दशपूर्वी कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उभयाव्यतिरेकी That which refers to both extremes. हेतु का एक शब्द- अन्वयव्यतिरेकी जिसमें अन्वय दृष्टांत व व्यतिरेक दृष्टांत दोनों होते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]