वाग्भट्ट संहिता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाग्भट्ट संहिता – Vaagabhatta Sanhitaa.: Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर कृत न्याय का संस्कृत ग्रन्थ “समय –वि. 1230 – 1300 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाग्भट्ट संहिता – Vaagabhatta Sanhitaa.: Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर कृत न्याय का संस्कृत ग्रन्थ “समय –वि. 1230 – 1300 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचशती – Panchashati. A book written by Vidyaranya. एक साहित्यप्रवर्तक विद्यारण्य (ई. 1350) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतरागी : == कामानुगृद्धिप्रभवं खलु दु:खं, सर्वस्व लोकस्य सदेवकस्य। यत् कायिकं मानसिकं च किंचित् , तस्यान्तकं गच्छति वीतराग:।। —समणसुत्त : ७६ सब जीवों का, और तो क्या देवताओं का भी जो कुछ कायिक और मानसिक दु:ख है, वह काम—भोगों की सतत अभिलाषा से उत्पन्न होता है। वीतरागी उस…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयसेन – Vinayasena. Name of an Achaeya, the disciple of Acharya Virasen. पंचस्तूप गुर्वावली के अनुसार धवलाकार आचार्य वीरेसेन स्वामी के शिष्य तथा काष्ठासंघ संस्थापक कुमारसेन के गुरु (ई. ८२०-८७०) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमगति – Panchamagati. Bodiless state of salvation (siddha Gati). सिद्धगति “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुक्ति-मार्ग : == सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:। —तत्त्वार्थ सूत्र : १-१ सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र—यही मोक्ष का मार्ग है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमशर्मा – Somasharmaa. Name of a Brahmin character of a Jaina tale. एक ब्रहामण, इसने अपनी कन्या सोश्री का विवाह गजकुमार से करने का निष्चय किया ही था कि गजकुमार विरक्त होकर दीक्षित हो गये । राजकुमार को ऐसा करने से क्रोध में आकर इसने उनके सिर पर अग्नि जलाई थी । उपसर्ग जीतकर…
उवधि An unwarranted behaviour . एक अतिचार मायाचारी पूर्वक अतिचार का अन्यथा कथन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]