मेहेसरचरीउ!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेहेसरचरीउ–Mehesrachriu. Name of a book. सुलोचनाचारित्र विषयक अपभ्रंश भाषा का एक ग्रंथ”
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[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादसिद्वि – Syaadvaadasiddhi. Name of a treatise written by Acharya Vadibhisingh. आचार्य वादीभसिह (ई0 1103) द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्व न्याय विषयक ग्रन्थ।
द्रव्यतीर्थ Place of pilgrimages. तीर्थंकरों की कल्याणक भूमियाँ, सिद्धक्षेत्र, अतिशयक्षेत्र आदि जिनकी वंदना – अर्चना संसार से तिरने में सहायक होती है। जैसे- अयोध्या, सम्मेदशिखर, कुण्डलपुर आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] तीर्थंकरों के पंच कल्याणकों से एवं महापुरुषों के तप- त्याग से पवित्र स्थलों को द्रव्यतीर्थ कहते हैं ।इस द्रव्यतीर्थ को जैन शास्त्रों में तीन भागों में…
जन्मरहितता Immortality, a virtue of Siddhas (super beings). सिद्धों का एक गुण जो आयुकर्म नष्ट होने पर प्रगट होता है -अवगाहनत्व या जन्म-,अरण रहितता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादमूर्त – Syaadamuurta. Non-physical nature (in some aspect).परमभाव ग्राहक द्रव्यार्थिक नय की अपेक्षा पुद्गल के अतिरिक्त जीव, धर्म, अधर्म, आकाश और काल द्रव्य कथंचित् अमूर्तस्वभाव वाले है।
जन्माभिषेक Auspicious bathing (anointment) of Jaina Lord. सौधर्म-ईशान इन्द्रों द्वारा पांडुकशिला पर बाल तीर्थंकर की अभिषेक क्रिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यंदन – Syammdana. Splendourous chariots of Cghakravarties (emperors).रथ-चक्रवर्ती बलदेवो के चढ़ने योग्य जो होते है एवं सर्व आयुधों से परिपूर्ण पवन के समान वेग वाले, धुर के टूट जाने पर भी जिनके चक्करो की रचना इस प्रकार की होती है कि गमनागमन मे बाधा नही पड़ती वे स्यंदन कहलाती है।
जघन्य पात्र A vowless religious observer with right faith. व्रतरहित सम्यग्दृष्टि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मरणाभास – Smaranaabhaasa. False rememberance of memory.देखें व सुने पदार्थ को कालान्तर मे उसका स्मरण न होकर उसकी जगह दूसरे का स्मरण होना स्मरणाभास है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विविक्त शय्यासन – Vivikta Sayyasana. Isolated place for sleeping or rest. पांचवां बाहा तप-व्रत की शुध्दि के लिए, पशु, स्त्री आदि से रहित एकांत प्रासुक स्थान में साधु के द्वारा ध्यान – अध्ययन के लिए शय्या व आसन ग्रहण करना “