निराशा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराशा – Niraashaa. Hopelessness, disappointment, Dispondency,diepair. आशा रहितता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराशा – Niraashaa. Hopelessness, disappointment, Dispondency,diepair. आशा रहितता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवलिकथे – ई 1839 में रचित कथानंुयोग विशयक या कन्नड कृति। Rajavalikathe-name of a kannad book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रवीन्द्र कुमार बह्यचारी – गणिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के एक प्रमुख षिश्य जम्बद्वीप रचना हस्तिनापुर के प्रमुख स्तम्भ।सन् 1972 में आजन्म ब्रहमचार्य व्रत लेकर क्रमष घर्मक्षेत्र में अथक परिश्रम करके माताजी की प्रेरणा से जम्बुद्वीप हस्तिनापर, तपस्थली प्रयाग, कुण्डलपुर, मांतुगा, अयाध्या एवं अनेक तीर्थ क्षेत्रो का विकास करते हुए जैन धर्म की संस्क्ति का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकानुप्रेक्षा –Lokaanupreksha.: See –Loka Anupreksha. देखें –लोक अनुप्रेक्षा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरतिचार – Niratichaara. Non-transgression, Non-violation. दोष न लगाना, अतिचार रहित “
आमंत्रणी Inviting language. आठ प्रकार के अनुभयवचन में पहली भाषा-बुलवाने वाले वचन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर्युपासना – Paryupaasana. Service, devotion. समर्पण व सेवा का भाव होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकपूरण समुद्घात – Lokapuran Samudghaata.: Universaily pervasion of the soul-points of omniscient one (Kevali Bhagwan). केवली समुद्घात का चौथा चरण ; केवली भगवान के आत्मप्रदेशों को सर्वलोक में फैलाना या व्याप्त करना “