इतरेतराभाव!
इतरेतराभाव Mutual/reciprocal state of non-existence, Respective absence. अन्योन्याभाव-पुद्गल द्रव्य की एक वर्तमान पर्याय में दूसरे पुद्गल की वर्तमान पर्याय का अभाव होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इतरेतराभाव Mutual/reciprocal state of non-existence, Respective absence. अन्योन्याभाव-पुद्गल द्रव्य की एक वर्तमान पर्याय में दूसरे पुद्गल की वर्तमान पर्याय का अभाव होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मभूत Integral virtue, self natured, indigenous quality. लक्षण- जो लक्षण वस्तु के स्वरूप में मिला हो उससे मित्र न हो सके, जैसे जीव का लक्षण चेतना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मसूरि A disciple of Acharya Mahendrasuri. आचार्य महेन्द्रसूरि के शिष्य (ई. 1209) एवं जम्बूस्वामी सरना के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उत्थितनिविष्ट A type of meditative relaxation (with wrong conceptions). कायोत्सर्ग का एक भेद ध्यान में खड़े हुए भी आत्र्त-रौद्र (खोटे) विचारों का चिंतवन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्ममूढ़ता Religious ignorance, silliness. लोकमूढ़ता ; धर्मलाभ मानकर नदी-समुद्र आदि में स्नान करना,बालु, पत्थर आदि का ढेर लगाना, पर्वत से गिरना, अग्नि में जलना आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय प्रत्यक्ष Emperical sense intuition based on observation and experience. सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष जो इन्द्रिय और मन की सहायता से पदार्थ को एकदेश स्पष्ट जानता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मंधर Name of the writer of ‘Nagkumar Charit’ and ‘Shreepal Charit’. नागकुमार चरित्र तथा श्रीपाल चरित्र के रचयिता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संबंधाहार (सचित्त) – Sambandhaahaara (Sachitta). A kind of food; as cooked hot vegetable mixed with the raw one etc. It is non-edible according to Jaina philosophy. सचित्त से चेतना द्रव्य लिया जाता है ” इससे सम्बंध को प्राप्त हुआ द्रव्य सचित्त सम्बंधाहार है ” व्रतियों के लिए ऐसा आहार त्याज्य है “
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्म Religion, Daily observances of religious rites. ‘‘उत्तमे सुखे धरतीति धर्म’’ अर्थात् जो प्राणियों को उत्तम सुख में पहुँचा दें, उपासना करना, सत्कर्म। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]