लवणसागर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लवणसागर – मध्यलोक का प्रथम सागर खारे जल वाला होने से इसका नाम लवणोदधि है। Lavanasagara- The first ocean of middle universe, containing salty water
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लवणसागर – मध्यलोक का प्रथम सागर खारे जल वाला होने से इसका नाम लवणोदधि है। Lavanasagara- The first ocean of middle universe, containing salty water
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसंवेग संम्पन्नता – तीर्थकर कर्मबंध का छठा कारण रत्नत्रय जनित हर्श का नाम लब्धिसंवेग है। Labdhisamvega Sampannata-A kind of super enjoyment pertaining to Tirthankar (Jaina-Lord)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त योनि – Sachitta Yoni. Female genital organ. गुण योनि के 9 भेदों में एक भेद; जीव की उत्पत्ति का सचित्त स्थान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यंत्र– Yantra. Auspicious mystical diagrams or verses, Machine. कुछविशिष्ट प्रकार के अक्षर, शब्द या मन्त्र जो विभिन्न रेखाक्रतियां बनाकर उसमे चित्रित किये जाते है” पूजा, प्रतिष्ठा, विधान आदि में इनका प्रयोग किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाहिनी – Vaahinii.: A part of an army containing 81 chariots, 81 elephants 405 horses, 405 Pyade(foot – soldier). सेना का एक अंग,तीन गुल्म सेना का एक दल “इसमें 81 रथ ,81हाथी ,405 प्यादे तथा 405 घोड़े रहते है “
एकरात्रिप्रतिमा (योग) One night representation (an austerity in cremation ground). तीन उपवास करने के बाद चैथी रात्रि में शमशान में विधिवत् कायोत्सर्ग करते हुए सूर्योदय होने तक वहीं पर स्थित रहना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगमत – एक एकांन्तमत। संख्यादर्षन। Yogamata-name of a philosophy