आनत(इन्द्र)!
आनत(इन्द्र) A type of celestial deities. तेरहवें स्वर्ग के इन्द्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनत(इन्द्र) A type of celestial deities. तेरहवें स्वर्ग के इन्द्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दानवीर Extremely charitable, A title, Philanthrophist. महान दानी व्यक्तियों की एक उपाधि, भामाशाह को यह उपाधि प्राप्त थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुपुत्र : == सयलजणनयणकडुयं नित्यामं तह पयायपरब्भट्ठं। नियतणयं धूमं पेच्छिऊण छारं गओ अग्गी।। —गाहारयणकोष : ८१० समस्त लोगों की आँखों को कडुवा लगने वाला, पुरुषार्थ रहित, प्रताप से भ्रष्ट अपने पुत्र धुएं को देखकर आग (लज्जा से) स्वयं जलकर राख बन गई है। (बड़े व्यक्ति भी अपने कुपुत्रों से…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीवत्स – Shreevatsa. A particular type of mark on the chest of meritorious persons, Name of a propounder of Vaishesik literature. तीर्थंकर आदि पुण्यात्माओं का एक शारीरिक लक्षण जो वक्षःस्थल पर होता है ” पार्श्वनाथ चरित्र के अनुसार उनकें नवमें भव पूर्व में पोदनपुर के राजा अरविंद की मुनिअवस्था में उनके वक्षस्थल का श्रीवत्सम…
साधु-जो अट्ठाईस मूलगुणों का पालन करते हैं, सदा रत्नत्रय के साधन हेतु ध्यान और अध्ययन में लगे रहते हैं, वे साधु परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु ये तीनों ही दिगम्बर वेषधारी मुनि होते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेण – Namdisena Name of the Acharya, 6th Balbhadra, Past-birth name of Lord Chandraprabhu & Lord Suparshvanath, the 3rd predestined Narayan. पुत्राट संघी एक आचार्य जितदण्ड के शिष्य और दीपसेन के गुरु, छठें बलभद्र का नाम, चंद्रप्रभु एवं सुपार्शव भगवान के पूर्व भव का नाम, भारतक्षेत्र के आगामी तीसरे नारायण ”
इक्ष्वाकुवंश A dynasty originated from Lord Adinath. भगवान आदिनाथ से यह वंश प्रारम्भ हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्त्व – Sattva. Earth, Water, Fire & Air are called Sattva. पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु- इन चार को सत्त्व कहते है “
उद्धृत Partial quantity, selected. भाग की हुई राशि निकाला हुआ चयन किया हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]