छलनी!
छलनी A sieve, a strainer. चलनी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य निवृत्ति – Sarvasaavadya Nivritti. Abstinence or freeness from all kinds of sinful worldly activities. समायिक; समस्त आरंभ परिग्रह से निवृत होना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतझड :Autumn(time of decay) cause for the worldly disattachment of Lord Suparshvanath & Shreyansnath. भगवान सुपाश्र्वनाथ एवं श्रेयांसनाथ के वैराग्य का कारणं।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलवर्ण–Mula Varna. The basic 64 syllables. मूल64 अक्षर जो अनादि से जिनागम में प्रसिद्ध है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वविपरिणामना – loZfoifj.kkeuk& Sarvaviparinaamanaa. Karmic nature which is destroyed by the destruction of all Karmas. मूल प्रकृति विपरिणामना के दो भेदों में एक भेद ; जो प्रकृति सर्वनिर्जरा के द्वारा निर्जरा को प्राप्त होती है। वह सर्वविपरिणामना कही जाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पज्जुण्णचरिउ: Name of a book written by Kavisingh. ई0 श0 12 के अन्तपाद मे कवि सिंह क्षरा प्रधुम्न चरित्र विषयक रचित एक ग्रंथ ।
छ The seventh consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सप्तम व्यंजन , इसका उच्चारण स्थान तालु है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वधन – Sarvadhana. All wealth or property of one, Grand total of all results. किसी की संपूर्ण सम्पत्ति, गणित विषयक रूप से सम्पूर्ण समयों में पाये जाने वाले समस्त परिणामों के समूह को सर्वधन कहते है, इसी का दूसरा नाम पदधन भी है। यह ’मुहभूमीजोगदले । पदगुणिदे पदघणं होदि’ – इस करणसूत्र के अनुसार…