संश्लेष बंध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संश्लेष बंध – Sanshlesa Bandha. Something combined or synthesised. जो परस्पर संश्लेष को प्राप्त हुए काष्ठ और लाख का बंध होता है वह संश्लेष बंध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संश्लेष बंध – Sanshlesa Bandha. Something combined or synthesised. जो परस्पर संश्लेष को प्राप्त हुए काष्ठ और लाख का बंध होता है वह संश्लेष बंध है “
त्रि मकार Wine, meat, honey (the three inedible things). मदिरा, मास, मधु। तीन न खाने योग्य पदार्थ जिनका प्रारंभ ‘म’ शब्द से है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्मशान-निलय – Shmashaana-Nilaya. A type of vidyadhars of Matanga jati (a descendant). मातंग जाति विद्याधरों के 7 उत्तर भेदों में दूसरा भेद; ये धूलि धूसरित तथा श्मशान की हड्डियों से निर्मित आभूषणों से युक्त होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी – भीश्म राजा की पुत्री, कृश्ण की पटरानी, प्रद्युम्न की मां। अंत में सभी पटरानियों और पुत्रवधुऔ के साथ दीक्षित हुई। Rukmini-The daughter of king Bhishma,The chief wife of Krishna
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संपराय – Sanparaaya. Passionful influx. संपराय कषाय व संसार को कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रविष्ट – वंदना का एक अतिचार। अर्हतादि परमेशिठयों के अत्यंत निकट होकर वंदना करना। Pravista- An infraction of paying reverence, to be very near to the idol of lord Arihant , Acharyas etc
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचकोत्तम – रूचक पर्वत के कूट का नाम।यहां रूचकप्रभा नाम की प्रधान दिक्कुमारी रहती थी। Rucakottama-name of a summit of ruchak mountain
गिरि A mountain, Name of the kings of Yadu & Hari dynasties. पर्वत, यदु (यादव) वंश एवं हरिवंश के राजाओं का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यय- pratyaya Knowledge, cause, inter relation casual ज्ञान, श्रद्धा, निमित, कारण, हेतु। जैनागम में प्रत्यय अर्थात आस्त्रव कर्मों के आने के द्वार के लिए मुख्यत: प्रयुä होता है।