उदयस्थान!
उदयस्थान Place of origination, fruition (reg. Karmas). अपने फल के उत्पन्न करने में समर्थ कर्म अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदयस्थान Place of origination, fruition (reg. Karmas). अपने फल के उत्पन्न करने में समर्थ कर्म अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबुद्धता – Pratibuddhataa. Discriminative knowledge. प्रत्येक क्षण व लव में होने वाले प्रतिबोध (ज्ञान) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपाती – Pratipaatee. One falling from the stage of right conduct. सम्यकचारित्र से भ्रष्ट होकर असंयम में आने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृषध्वज–Vrsadhvaja. One of the 1008 titles of Lord Jinendra जिनेन्द्र भगवन के १००८ नामों में एक नाम , धर्मध्वज को फहराने वाले “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघकर्म – Pratighakarma. Removing obstruction or resistance. अनुयोग की निरुक्तिमें प्रयुक्त 5 दृष्टान्तों में एक-जैसे लकड़ी से किसी वस्तु को तैयार करने के लिए उसके निरुपयोगी भाग को छांटकर निकाल देना (अपरनाम-प्रतिघात कर्म) “
द्विजपति The best one (i.e. sacramented one), Name of a poet. श्रेष्ठ, संस्कार युक्त चंगदेव की पीढ़ी में उत्पन्न एक कवि का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणेता – Pranetaa. Founder, Maker, Composer. संस्थापक, रचनाकार “
द्वादश संयम 12 types of restraints. 12 प्रकार का संयम पांच इन्द्रिय व मन को वश में रखना एंव पृथ्वी आदि छःकाय के जीवों की रक्षा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंत (आचार्य) – Puspadamta (Acarya). Name of an Acharya of Moolsangh, who wrote Shatkhandagam (a great Jaina treatise). मुलसंघ के एक आचार्य; धरसेनाचार्य के पादमुल में ज्ञान प्राप्त करके षट्खंडागम की रचना की, ये अंगांशधारी थे. इस नाम से और भी आचार्य हुए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्कर – Puskara. Name of a Viman (heavenly abode) of Achyut heaven. अच्युत स्वर्ग का एक विमान “