इंद्रियलोभ!
इंद्रियलोभ Sensual greed. लोभ का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आम्र Mango, Name of the initiation-tree of Lord-Arahnath. फलों का राजा- आम, अरहनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आभियोग्य (देव) Low status servying deities, who transform themselves into conveyances as horse, lion etc. देवों का एक पद जिस पद के धारक देव हाथी, घोडा, वाहन, आदि बन जाने का काम करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरजा – Viraja. Name of the prime city in Nalin Kshetra (region) ‘of west videh (region), Name of a vapi (like large lake) situated in southern Nandishvardvip (is- land). अपर विदेह के नलिन क्षेत्र की प्रधान नगरी, नन्दीश्वर द्वीप की दक्षिण दिशा में स्थित वापी “
इभ Elephant, one of the 14 jewels of Chakravarti. हाथी चक्रवर्ती के 14 रत्नों में एक सजीव रत्न।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवसुंदर Name of a commentator of ‘Bhaktamar Stotra Tika’. भक्तामर स्त्रोत टीका के कर्ता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवपुत्र Name of the 6th predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावीकालीन तेईसवें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] A worshipper of Lord Arihant. भावीकालीन छठवें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आप्तमीमांसा A treatise written by ‘Acharya Samantabhadra’. तत्वार्थ सूत्र के मंगलाचरण पर आचार्य समन्तभद्र (ई.श.2) द्वारा रचित एक न्यायपूर्ण ग्रंथ (तर्क की कसौटी पर सर्वज्ञ देव को सच्चे देव सिद्ध करने का न्याय संबंधी उत्तम ग्रन्थ)। इसका दूसरा नाम देवागम स्तोत्र भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इत्वरिका अपरिगृहीतागमन An infraction of vow of celibacy. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार बिना विवाही व्यभिचारिणी स्त्री से हास्यादि संबंध रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]